श्री धन्ना भगत सत्संग भवन धुंवाकला (टोंक, राजस्थान)​

श्री धन्ना भगत सत्संग भवन धुंवाकला (टोंक, राजस्थान)

धुंवाकलां (टोंक) की पवित्र धरा हमारे पंथ प्रवर्तक भक्त शिरोमणि गुरुदेव श्री धन्ना जी महाराज की पावन जन्मस्थली है। इस पवित्र स्थान पर श्री धन्ना भक्त सत्संग भवन का निर्माण केवल एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि अपने गुरुदेव के प्रति संपूर्ण समाज की अगाध आस्था और कृतज्ञता का जीवंत प्रतीक है।
इस पावन धाम और हमारी इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज को अपनी आध्यात्मिक जड़ों और गौरवशाली इतिहास से जोड़ना है। इसके साथ ही, हम देश और दुनिया के सामने इस ऐतिहासिक तथ्य को भी उजागर करना चाहते हैं कि संत शिरोमणि धन्ना जी महाराज ने एक महान पंथ की स्थापना की थी। आज पूरे भारतवर्ष में उनके सिद्धांतों पर चलने वाले लाखों अनुयायी हैं, जिन्हें पूरे आदर और सम्मान के साथ ‘धन्नावंशी स्वामी’ के नाम से जाना जाता है।
यह मंच हमारे गौरवशाली इतिहास की पहचान कराने और धन्नावंशी समाज की एकता, अखंडता और सेवा भाव को विश्व पटल पर लाने का एक ईमानदार प्रयास है।

पता :

पता :- श्री धन्ना भगत सत्संग भवन धुंवाकला (टोंक , राज )

सम्पर्क :- श्री राधेश्याम गोदारा  Mob. no:  9413187256 

 

धुंवाकलां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं हेतु रात्रि विश्राम की उत्तम व्यवस्था बिल्कुल निशुल्क (Free) है। एवं साथ ही पास ही स्थित भव्य गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन निशुल्क लंगर (भोजन) की निरंतर सेवा उपलब्ध रहती है। आप सभी पावन धरा पर रात्रि विश्राम कर गुरुदेव के जन्मस्थान के आध्यात्मिक आनंद और सत्संग का लाभ अवश्य उठाएं।


 

संस्था का इतिहास 

श्री धन्ना भगत सत्संग भवन, धुंवाकला (टोंक) – हमारा गौरवशाली इतिहासभक्त शिरोमणि संत गुरु धन्ना जी महाराज की पावन जन्मस्थली, धुंवाकला (टोंक, राजस्थान) में समाज के गौरव और जुड़ाव को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 'श्री धन्ना भगत सत्संग भवन' का निर्माण धन्नावंशी स्वामी समाज के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। 500 वर्षों के इतिहास में पहली बार समाज को एकजुट करने वाला यह ऐतिहासिक कार्य निम्नलिखित चरणों में धरातल पर उतरा:

ऐतिहासिक यात्रा और शिलान्यासपरिकल्पना और भूमि आवंटन (सितंबर 2020): 17 सितंबर 2020 को समाज के प्रबुद्ध और सक्रिय सहयोगियों के एक दल ने धुंवाकला का दौरा किया। वहाँ धन्ना जी मंदिर के ट्रस्ट सदस्यों, ग्राम सरपंच और स्थानीय बाबा जी से विचार-विमर्श कर मंदिर परिसर के सामने सत्संग भवन निर्माण का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सहर्ष स्वीकार करते हुए निःशुल्क भूमि आवंटित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।

भूमि पूजन एवं शिलान्यास (फरवरी 2021): धन्ना जी भक्त विकास ट्रस्ट से लिखित सहमति प्राप्त होने के बाद, 21 फरवरी 2021 को समाज के गणमान्य पदाधिकारियों और भामाशाहों की उपस्थिति में वैदिक रीति से भूमि पूजन कर इस भव्य भवन निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई।

भव्य उद्घाटन समारोह (मई 2022)दो दिवसीय महाकुंभ (17-18 मई 2022): संपूर्ण धन्नावंशी स्वामी समाज के अथक प्रयासों और सहयोग से निर्मित इस अतिसुंदर सत्संग भवन का उद्घाटन 18 मई 2022 को महामंडलेश्वर श्री हरिदास जी महाराज, श्री देवाराम जी स्वामी और समाज के अध्यक्ष श्री सुभाष चंद्र जी स्वामी (एसीएफ) के कर-कमलों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-यज्ञ के साथ संपन्न हुआ।

सांस्कृतिक और भक्ति समागम: उद्घाटन के उपलक्ष्य में 17 मई की रात्रि को भव्य भक्ति जागरण का आयोजन हुआ, जिसमें सुदूर क्षेत्रों से आए कलाकारों ने भक्ति की रसधारा बहाई। इस ऐतिहासिक महाकुंभ में संपूर्ण भारत और राजस्थान के कोने-कोने से हजारों समाज बंधु सम्मिलित हुए।

दानदाताओं और नेतृत्व का योगदानभामाशाहों का समर्पण: भवन निर्माण में समाज के 86 दानवीर भामाशाहों ने अपना अमूल्य आर्थिक सहयोग प्रदान किया, जिन्हें समिति द्वारा स्मृति चिह्न और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। उद्घाटन के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे (10,000 श्रद्धालुओं की प्रसादी) का संपूर्ण व्यय जोधपुर निवासी समाज रत्न श्री त्रिलोक दास जी वैष्णव द्वारा वहन किया गया।

कुशल प्रबंधन: इस पूरे निर्माण कार्य को सुदृढ़ता से पूरा कराने में धन्नावंशी महासभा के अध्यक्ष श्री सुभाष चंद्र जाखड़ (एसीएफ), श्री राधेश्याम जी गोदारा (अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी), श्री लक्ष्मण दास जी (रेंजर), श्री प्रेमदास जी खिंयाला और डॉ. चेतन दास जी श्रीडूंगरगढ़ सहित पूरी समर्पित टीम का अनुकरणीय योगदान रहा।


धुंवा कल्ला में श्री धन्नावंशी स्वामी समाज सत्संग भवन के उद्घाटन समारोह 18 मई २०२२ की फोटो देखने के लिए यंहा क्लिक करे 

धुंवा कल्ला में श्री धन्नावंशी स्वामी समाज सत्संग भवन के उद्घाटन समारोह 18 मई २०२२ की फोटो देखने के लिए यंहा क्लिक करे 
श्री धन्ना भगत सत्संग भवन का उद्घाटन कार्यक्रम 18 मई 2022

श्री धन्ना वंशी स्वामी समाज द्वारा धुआ कला टोंक में स्थित श्री धन्ना भगत मंदिर परिसर में समाज द्वारा निर्मित सत्संग भवन का उद्घाटन कार्यक्रम आज महामंडलेश्वर श्री हरिदास जी महाराज, श्री देवाराम जी स्वामी,, श्री सुभाष चंद्र जी स्वामी, के कर कमलों द्वारा मंत्रोचार के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर दिनांक 17 मई को रात्रि को भव्य जागरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें नागौर जोधपुर तथा टोंक के कलाकारों ने बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर भक्ति की रस धारा बहाई। दिनांक 18 मई को प्रातः 7:00 से 10:00 तक आर्य समाज की रीति नीति अनुसार यज्ञ एवं हवन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। 10:00 बजे भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा इस मौके पर, श्री धन्ना वंशी स्वामी महासभा ट्रस्ट द्वारा श्री धन्ना भगत मंदिर ट्रस्ट धुआ कला के पदाधिकारियों का सहयोग प्रदान करने पर स्मृति चिन्ह एवं प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर समाज के 86 दानवीर भामाशाहो जिन्होंने सत्संग भवन के निर्माण में अपना आर्थिक सहयोग प्रदान किया उन्हें स्मृति चिन्ह, प्रशंसा पत्र, शोल।वे साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। समारोह में 10,000 व्यक्तियों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। भोजन प्रसादी का संपूर्ण वह जोधपुर निवासी श्री त्रिलोक वैष्णव व्यवसाई द्वारा वहन किया गया। समारोह में श्री हरिदास जी महाराज द्वारा भक्त धन्ना जी द्वारा स्थापित धन्ना वंशी स्वामी समाज के ऐतिहासिक तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए वैष्णव विचारधारा को वर्तमान परिपेक्ष में कायम रखने का आह्वान भी किया। समारोह के अध्यक्ष श्री सुभाष चंद्र स्वामी ने समस्त आगंतुक मेहमानों दानदाताओं एवं ट्रस्ट के साथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया एवं सभा द्वारा आगामी वर्ष में समाज के मेधावी कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू करने, बालिका छात्रावास का संचालन करने, जयपुर में समाज के विद्यार्थियों हेतु छात्रावास भवन बनाने तथा गुरुकुल पद्धति के माध्यम से वैदिक संस्कार प्रदान करने हेतु समाज के इच्छुक विद्यार्थियों हेतु वैदिक विद्यालय में प्रवेश दिलाकर उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान करने का निर्णय भी लिया गया। कार्यक्रम में संपूर्ण राजस्थान के सभी जिलों से धन्ना वंशी स्वामी समाज के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राधेश्याम गोदारा ने किया।

श्री धना भक्त सत्संग भवन उद्घाटन समारोह में जागरण में भक्ति मंडली के रूप में श्री गुलाब दास जी पोटलिया, एवं सिंगर नारायण दास जी खुडाला का विशेष सहयोग रहा उनकी टीम और समस्त भजन मंडली को भी बहुत-बहुत साधुवाद

श्री चेतन दास जी डूंगरगढ़:-धुआं कलां के सरल हृदय और सेवा भावी, संस्कारी भाइयों ने दिल जीत लिया धनावंशियों का।
वापस अपने घरों की ओर लौट रहे लोगों में धुआं कलां के लोगों की विनम्रता और सेवा की बड़ी चर्चा रही। ऐसी सेवा तो कोई बारात की भी नहीं करता। सारे लोग उत्साह और कोड से भरे हुए। नमन सब को।

श्रीमान, अपने भीतर के विजुअल ही काम करते हैं।
धनाजी धाम धुआं कलां के दो दिवसीय समारोह की समस्त छटा शब्दों द्वारा पकड़ में नहीं आती। वे सारे अपार आनंद के दृश्य जिसने देखे, वही उस अनुभूति को जान सकता है, बता सकता है।
धुआं कलां सदियों से एक पवित्र तीर्थ स्थल है, वहां कोई कभी भी जा सकता है। पर 17/18 मई का दो दिवसीय समारोह हमारा अपना था। अपने लोगों का समागम था। किसी भी कारण से जो चूक गया, वह चूक ही गया। *हालांकि भूल सुधार के अवसर जीवन में मिलते ही रहते हैं।*
इस सच्ची बात को समाज के हर व्यक्ति को स्वीकारना चाहिए कि *धनावंश की यात्रा धनाजी महाराज के सद्प्रयासों से ही शुरू हुई। इसलिए प्रत्येक धनावंशी उनका कृतज्ञ है।*

श्री नंदकिशोर जी डूडी हाल निवास सिक्किम
आदरणीय चेतन दास जी के कठोर प्रयासों के बाद एसीएफ साहब सुभाष चन्द्र जी के नेतृत्व में त्रिलोक जी के साथ एसीएफ साहब, रेंजर साहब लक्ष्मण दास जी, प्रेम दास जी खिंयाला सहित अनेकों समाज के भामाशाहों के समर्पित आर्थिक वह धरातलीय सहयोग को प्रिंसिपल साहब श्रीमान राधेश्याम जी गोदारा व उनकी टीम ने मोतियों की तरह माला के रूप में सजा कर समाज इस ऐतिहासिक आयोजन को लाजवाब बना दिया ! आज सुबह जयपुर से घर वापसी के समय जब सफर की यादों में खोया तो पांच चहरे दिल में घर कर गए राधेश्याम जी का समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव, प्रेम दास जी खिंयाला की लगन, त्रिलोक दास जी व लक्ष्मण दास जी का अभूतपूर्व आर्थिक सहयोग वह चेतन दास जी का संघर्ष एसीएफ साहब के नेतृत्व के इन पांच अनमोल सामाजिक रत्नों सहित समाज के इस ऐतिहासिक आयोजन को तन मन धन से पोषित कर सफल बनाने वाले सभी समाज बंधुओं को मेरा दंडवत प्रणाम सौंपता हूं !

-अशोक सिंवर बिलनियासर
धनवंशी महासभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम शानदर सफलता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की आयोजित संस्था को बहुत बहुत धन्यवाद। समाज के काफी बन्दुओं से पिछले कई वर्षों से सोशलमीडिया के माध्यम से मिलना होता था। आज के कार्यक्रम में समाज के अनेक बन्दुओं से प्रत्यक्ष रूप से मिलना हुआ। देश भर से पधारे हुए धनावंशी समाज के बन्दुओं का भी बहुत बहुत धन्यवाद। आपके दर्शन होने से मन प्रफुल्लित हुआ और सामाजिक कार्य के प्रति नवीन ऊर्जा प्राप्त हुई।
 श्री घनश्याम दास जी जोधपुर
हर वर्ष भक्त शिरोमणि धना जी महाराज की जयंती पर स्नेह मिलन समारोह रखना चाहिए और पूरे भारतवर्ष से धनावशीं गुरुदेव की जयंती उनकी जन्मस्थली पर ही मनाएं इस प्रकार के मेले और सम्मेलन आस्था को प्रगाढ करते हैं
दूसरा सम्मेलन होगा तो चर्चा भी होगी और चर्चा होगी तो समाज उत्थान की विषय भी उठाए जाएंगे जिन कार्य करना एक जगह से संचालित होने के कारण सुदृढ़ होगा​श्री हजारी दास जी कल्याणसर
आपकी कार्य योजना ओर टीम वर्क की जितनी तारीफ की जाए कम है, समाज के अग्रणी पंक्ति में तन मन धन से सेवा करने वाले बंधुओं का बहुत बहुत आभार साधुवाद।🙏🙏🙏​श्री लक्ष्मण जी पलसाना
*धन्नावंशी समाज के "भामाशाह" ...................आदरणीय श्री त्रिलोक दास जी वैष्णव ( जोधपुर ) का ........धुआं कलां के "श्री धन्ना भक्त सत्संग भवन" उद्घाटन समारोह के "शुभ अवसर" पर ......धन्नावंशी समाज के "समाज बंधुओं" एवं "स्थानीय श्रद्धालुओं" हेतु स्वादिष्ट भोजन प्रसाद की "सम्पूर्ण" व्यवस्था करने हेतु.............बहुत बहुत हार्दिक साधुवाद .................!!!!!*

श्री युधिष्ठिर जी रलिया जोधपुर
धन्यवाद
आप सभी समाज बन्धुओ का दिल से धन्यवाद, धुआ कला टोंक प्रोग्राम में भाग लेने और प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए ! अगर आप सभी हर कदम पर ऐसे ही साथ देते रहे तो वह दिन दूर नहीं है जब हमारा समाज विकास के रास्ते पर तीव्र गति से आगे बढ़ेगा! उम्मीद करते है कि हम सब मिलकर ऐसे ही समाज को नयी बुलंदी पर ले जाएंगे! आप सभी पर गुरु धन्ना जी महाराज की अनुकम्पा बनी रहे🙏🙏​​श्री छगन जी पावटा हाल निवास पाली
गुरुदेव धन्ना जी महाराज के सत्संग भवन उद्घाटन में पधारने वाले समाज के समस्त प्रबुद्ध जन जिन्होंने अपनी अटूट आस्था के फल स्वरूप पधार कर अनुग्रहित किया समस्त महानुभावों का हृदय से बहुत-बहुत आभार। साथ ही आज के इस कार्यक्रम में भोजन व्यवस्था का संपूर्ण दायित्व श्री त्रिलोक जी वैष्णव द्वारा वहन करने पर उनका हृदय से बहुत-बहुत साधुवाद​श्री त्रिलोक जी वैष्णव जोधपुर
धन्यवाद तो धन्ना वंशी महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष महोदय सुभाष जी जाखड़ और उनकी पुरी टीम को है जिन्होंने ठाकुर जी महाराज धन्ना महाराज की पावन धरा से समाज को संगठित कर एक जाजम पर बिठाकर सन्देश दिया हम सब धन्ना वंशी एक है और एक रहेंगे
पुरी महासभा को कोटी प्रणाम आभार सा 💕❤️🙏🙏
आदरणीय राधेशयामजी साहब यह तो मेरा सौभाग्य है कि आप जेसे समाज बन्धुओ से जुड़ा और महासभा ने सेवा का अवसर दिया धन देना कोई बड़ी बात नहीं है हर कोई दे देता है पर इतनी संख्या में समाज और साथ में इतनी गाँव कि संख्या के बन्दुओं कि तन मन से सेवा करना यह बहुत बड़ी बात है जो कि आप लोग और आपकी पुरी टीम ने तन मन धन से कि हैं आपके लोगों के दारा कि गई सेवा तपस्या से कम नहीं है इसलिए आपको और आपकी पुरी टीम को कोटी कोटी प्रणाम 💕🙏🙏

श्री अमित जी आर्य श्रीडूंगरगढ़
श्री धन्नावंशी महासभा के अध्यक्ष श्री मान सुभाष जी जाखड़ साहब

आपके कुशल नेतृत्व के बिना ना तो कोई ढंग का व्यक्ति समारोह में आता है ना ही कोई बड़ा दिल रख कर चंदा देता है । हजार दुष्प्रचार के बाद भी 86 में से 85 दानदाताओं ने आप पर विश्वास रखा और भविष्य में भी सहयोग देने की बात कही । अच्छे नेतृत्व बिना ये संभव नहीं था । ये बिल्कुल सच्ची बात है ।

आपने अपनी टीम में राधेश्याम जी जैसे निष्ठावान व्यक्तित्व को निर्माण का काम सौंपा जिससे ये मजबूत और अतिसुन्दर भवन समाज को मिला ।

धन्नाजी पर अटूट श्रद्धा रखने वाले लक्ष्मण दास जी ने तो कमाल कर दिया । भयंकर आलोचना के बाद भी इन्होंने कभी किसी समाज बंधु को कुछ भी अपशब्द नहीं लिखा । क्या इस प्रकार का व्यवहार इस कार्यक्रम की सफलता में सहायक नहीं है ?

आपके कोषाध्यक्ष तो साहब समाज के मस्तक का मुकुट जैसे है । कौनसा गुण है जो इनमें नहीं है ? जिनका पूरा व्यक्तित्व ही अनुकरणीय है। ऐसे लोग जिस जाजम पर बैठे हों वहां किस बात की कमी ।

निर्माण कार्यों में तल्लीनता से लगे प्रेम दास जी खिंयाला के जोश और श्रद्धा को बारम्बार प्रणाम है 🙏🏻
इतने मीठे और कोमल हृदय के व्यक्ति से किसको द्वेष होगा । आवभगत और मनवार में अग्रणी रहे प्रेम दास जी स्वयं पूरे कुटुंब के साथ वहां उपस्थित हुवे । ये बड़ी बात है ।

अब बताइये आपकी टीम इतनी तगड़ी नहीं होती तो क्या त्रिलोक दास जी इतना सब कुछ कर पाते ?
जितना मदमस्त हो कर गुलाबदास भजन सुना रहे थे उतना कर पाते ?
सुदूर जिलों से तपती दोपहरी में बसों में इतने श्रद्धालु पहुंच पाते क्या ?

ईश्वर की कृपा देखो साहब किसी को भी दिन हो या रात गर्मी नहीं लगी । लगातार हवा चलती रही और यदा कदा बादल भी आते रहे ।

इस कृतज्ञता भरे आयोजन के लिए सभी को बहुत बहुत बधाई । 💐💐💐

सभी के बड़े प्रेम से भाग लेने के कारण कार्यक्रम हुआ । त्रिलोक दास के बड़े दिल की तो बात ही क्या कहनी सा । उनका बड़ा सहयोग रहा ।

श्री पुनम चंद जी स्वामी
बिल्कुल श्रीमान जी सही कहा आपने मेरा भी भक्त धन्ना जी के दरबार में प्रथम बार जाना हुआ लेकिन इतनी अच्छी व्यवस्था आज तक मैंने नहीं देखी छोटे से लेकर बड़े तक सब अपना अपना कर्तव्य निर्वहन कर रहे थे वहां का इतना शांत मय , भक्ति मय वातावरण छोड़कर जाने का मन नहीं करता वहां की मिट्टी का कण कण भक्त धना जी की महिमा का गुणगान कर रहा था।
इतनी भीषण गर्मी में भी राजस्थान के कौन-कौन से हमारे समाज बंधुओं का वहां आना बहुत ही खूबसूरत आनंद मयी रहा ।
हमारे समाज के महानुभावों को कोटि-कोटि धन्यवाद जिन्होंने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से समाज का सत्संग भवन बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया और धन्ना जी की श्रद्धा की प्रति अलख जगाई ।​श्री कान दास जी डूडी जसवंतगढ़
महासभा व मन्दिर ट्स्ट के सदस्यों के काम की जीतनी प्रशंसा की जाए वो कम ही है शानदार आयोजन के लिए सभी का आभार​श्री देवीदत्त जी कसूम्बी हाल निवास सूरत:-
धना जी महाराज के सत्संग प्रोग्राम में पधारे हुए समाज के सभी बंधुओं को सादर प्रणाम और बहुत बहुत अभिनंदन💐💐
*धन्नावंशी स्वामी समाज का यह महाकुंभ सदियों सदियों याद रहेगा।*🙏
बहुत ही प्रशंसनीय प्रोग्राम है एकता और अखंडता की एक नींव के रूप में काम करेगा। आशा करता हूं कि हमारा समाज हमेशा उन्नति करें।
जहां पर एकता और अखंडता का उदाहरण दिया जाए तो हमारे समाज का नाम पहले आएं। हमेशा हम सब का ऐसा प्रयास रहे।
*हम सब एक रहे।*
हमेशा अनेकता में एकता का भाव रखें।
विचार सबके अलग अलग हो सकते हैं पर प्रयास हमेशा एक ही रहे।
*मतभेद हो सकता है पर मनभेद ना हो*🌹🙏​श्री राधेश्याम जी गोदारा:-
👍👍 गुरुदेव धन्ना जी महाराज की असीम अनुकंपा रही समाज पर और विशेष रूप से बहुत सौभाग्यशाली हैं श्री त्रिलोक जी वैष्णव जिनके पवित्र और शुद्ध मेहनत से कमाए गए धन से 10,000 भक्तों के उदर में प्रसाद पहुंचा। इससे ज्यादा पवित्र और पुण्य का कोई कार्य नहीं हो सकता पुन में श्री त्रिलोक जी वैष्णव को बहुत-बहुत साधुवाद और बहुत-बहुत बधाई देता हूं कि कि गुरुदेव ने आपको इस काबिल बनाया और आपके माध्यम से यह पवित्र कार्य संपूर्ण करवाया। परमात्मा आपके दिल और दिमाग में इसी प्रकार सेवा का भाव रखें और गुरुदेव की असीम अनुकंपा आप पर बनी रहे। 36 कोम के लोगों में गुरुदेव के प्रति इतनी अटूट आस्था और विश्वास मैंने कहीं नहीं देखा पवित्र भावना से प्रसाद ग्रहण करने वाले वहां के लोगों के श्री मुख से जब मैं और प्रेम जी इस दृश्य के साक्षी बनकर गुरुदेव और समाज की जय जयकार सुनी तो मन गदगद होकर प्रफुल्लित हो गया।
ऐसी ही भावना समाज के हर शख्स में व्यक्ति में बनी रहे यही गुरुदेव से कामना करता हूं और एक बार फिर उसे समारोह में पधारे समाज के सभी गणमान्य नागरिकों महासभा के पदाधिकारियों को मैं महासभा की ओर से हृदय से बहुत-बहुत साधुवाद व्यक्त करता हूं कि आपने गुरुदेव के प्रति अटूट आस्था प्रकट करते हुए इतनी गर्मी के मौसम में सुदूर 400 किलोमीटर दूर पहुंचकर अनुग्रहित किया।​श्री प्रेमदास जी खिंयाला
सम्माननीय त्रिलोक जी वैष्णव की जितनी प्रशंसा की जाए कम है साथ ही सम्माननीय श्री लक्ष्मण दास जी रेंजर साहब, सुभाष जी जाखड़ अध्यक्ष साहब, सम्माननीय डॉक्टर घनश्याम दास जी नोखा मंडी आप सभी समाज के प्रति पूर्ण रूप से तन मन धन से समप्रीत समाज रत्न है आपका दिल सदैव समाज के लिए धड़कता है। इस मुहिम में और भी कई समाज बंधु तन मन धन से समाज के प्रति समर्पित है जिन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर सहयोग किया पर जब हमें धरातल पर काम करने के लिए धन की कमी महसूस होती है तो हमारी नजरें इन 4 समाज रत्नौ की ओर ही उढती है पर वाह रे दानवीर भामाशाओं इन्होंने हमें कभी निराश नहीं होने दिया।
सदियों बाद पहली बार पंथ प्रवर्तक गुरुदेव धन्ना जी महाराज की पुण्य जन्मस्थली धुवां कला में समाज द्वारा निर्मित श्री धना भक्त सत्संग भवन के ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह का शुभारंभ सनातन वैदिक रीती से हवन करवाने का सौभाग्य आचार्य अमित जी स्वामी श्री डूंगरगढ़ व सह आचार्य श्री ओम दास जी भेङ को मिला। इस ऐतिहासिक आयोजन पर 10000 श्रद्धालुओं को प्रसादी करवाने का सौभाग्य सम्माननीय श्री त्रिलोक जी वैष्णव जोधपुर को मिला। इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल व सुचारू रूप से संचालन करने का सौभाग्य सम्माननीय श्री राधेश्याम जी गोदारा साहब को मिला। इस ऐतिहासिक भवन का फीता काटकर उद्घाटन करने का सौभाग्य समाज रत्न श्री देवा दास जी बाकलिया, आदरणीय महामंडलेश्वर श्री हरिदास जी महाराज को मिला। ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह पर सत्संग व जागरण में भजन गाने का सौभाग्य महासभा उपाध्यक्ष आदरणीय श्री गुलाब दास जी पोटलिया व सिंगर नारायण दास जी खुडाला को मिला।
सबसे ज्यादा सौभाग्यशाली सम्माननीय डॉक्टर चेतन दास जी रहे इनकी वर्षों की तपस्या सफल हुई😊
इस ऐतिहासिक समारोह को सफल बनाने के लिए तन मन धन से अपना हक अदा करने के लिए धुवां कला पहुंचने वाले सभी सम्मानीय समाज बंधुओं को हृदय की अनंत गहराइयों से बहुत-बहुत धन्यवाद वह हार्दिक आभार।
हर-हर धन्ना जी
घर-घर धन्ना जी
जब तक सूरज चांद रहेगा धुवां कला में धन्ना वंशीयों का नाम रहेगा
जय धन्ना जी महाराज की✊🚩
जय धन्ना वंशी✊🚩

समाचार एवं घटनाएँ


ताजा खबरें

21 feb 2021
*धनावंशी स्वामी सत्संग भवन* के शिलान्यास

आज धनावंशी स्वामी समाज के लिए एक ऐतिहासिक कार्य हुआ है। सभी बंधुओं को अपनी अपनी डायरियों में आज के दिन को स्वर्ण अक्षरों में लिखना चाहिए। 500 वर्षों में जो नहीं हुआ है, वह आज हुआ है।धन्ना जी भक्त विकास ट्रस्ट से लिखित सहमति के पश्चात धन्ना वंशी स्वामी समाज के पंथ परवर्तक संत शिरोमणि गुरु धन्ना जी महाराज की जन्मस्थली धौला कुआं में हमारे समाज के गणमान्य लोगों द्वारा धन्नाजी महाराज के गुरुद्वारे मंदिर परिसर में सत्संग भवन के निर्माण का समाज के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया गया ! इस निर्णय की आज ऐतिहासिक शुरुआत के रूप में भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन कर निर्माण कार्य शुभारम्भ किया गया ! हमारे समाज के लिए इस ऐतिहासिक शुरुआत के कर्णधार आदरणीय सुभाष जी जाखड़ एसीएफ साहब, आदरणीय लक्ष्मण दास जी रेंजर साहब, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी आदरणीय राधेश्याम जी गोदारा, धन्ना वंशी स्वामी समाज के पूर्व अध्यक्ष आदरणीय गुलाब दास जी जोधपुर, त्रिलोक जी फागनिया जोधपुर, प्रेमदास जी खिंयाला, दामोदर जी रलिया रूपाथल, बस्ती राम जी गोरा मेड़ता, आदि लोग उपस्थित थे। 

2021
भक्त धनाजी महाराज की 606 वीं जयंती

1. गुसांईसर बड़ा में मनाई गई भक्त धनाजी महाराज की 606 वीं जयंती------------------------------------------

श्रीडूंगरगढ़। तहसील के गुसांईसर बड़ा गांव में धनाजी धोरा पर आज धूमधाम से भक्त प्रवर धनाजी महाराज की 606 वीं जयंती मनाई गई। इस दौरान उपस्थित धनावंशी जनों ने धनाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की। तथा एक सभा कर धनाजी के चरित्र का वर्णन किया। गुसांईसर के इस पवित्र स्थल पर ठाकुर जी तथा भक्त धनाजी का भव्य मंदिर निर्माण करने का निर्णय किया गया। इसके लिए तीन सदस्यों की एक तदर्थ कमेटी का भी गठन किया गया। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए डॉक्टर चेतन स्वामी ने कहा की भक्त शिरोमणि धनाजी को भक्ति का प्रतीक कहा जा सकता है, उन्होंने अपने जीवन में सदा ही परमात्मा से निकटता रखी। उनकी भक्ति सखा भक्ति कही जाती है। सभी भक्तमालों में उनके चरित्र का उज्जवल वर्णन प्राप्त होता है। धनाजी महाराज ने संवत 1532 में धनावंश जैसे भक्ति संप्रदाय का प्रणयन किया। पांच सौ पैंतालीस वर्षों से यह समाज भक्ति पथ पर आरूढ है।इस अवसर पर डॉ घनश्याम दास स्वामी, शिक्षाविद श्यामसुंदर स्वामी, वयोवृद्ध गिरधारी दास, सामाजिक कार्यकर्ता जमनदास,  श्रीरामदास, प्रयागदास, परतादास, परमेश्वर दास आदि जनों ने भी अपने विचार प्रकट किए और संस्था के शीघ्र निर्माण का संकेत दिया। इस बात पर भी बल दिया गया कि धनावंशी स्वामियों में धार्मिक और शैक्षिक जागृति के अनेक  कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप से प्रारंभ किया जाए। गुसांईसर की यह संस्था अपने आप में एक मानक बने। प्रारंभ में परिव्राजक संत सीताराम दास ने धनाजी महाराज की स्तुति प्रस्तुत की। कार्यक्रम में स्थानीय धनावंशी समाज की पर्याप्त उपस्थिति रही।

2. मेड़ता सीटी*
मेड़ता सिटी की अंबिका कॉलोनी में आज धन्ना जी महाराज की 606 वी जयंती मनाई गई धना जी महाराज की जीवनी पर प्रकाश डाला धन्ना वंशी** *स्वामी समाज के* *अध्यक्ष बस्तीराम स्वामी ने धना जी* *महाराज के बताए गए नियमों और मार्ग पर चलने की बात कही भक्ति* *काल में धना जी महाराज ने* *गांव-गांव* *घूमकर धर्म का प्रचार किया तथा* *उनके जो भी अनुयाई बनेआज उनको* *आस्था पूर्वक उनकी जयंती मना रहे हैं धना जी महाराज टोंक जिले के* *धुआ कला गांव में एक किसान के घर में जन्मे और उन्होंने बहुत ही भक्ति की और खेतिका बीज  था जो उन्होंने साधु-संतों को वितरित कर* *दिया और खाली हल चलाया लेकिन भगवान ने उनके हीरे पन्ने निपेजाये व भगवान उनके खेत* *की रखवाली करते थे और भक्तों के भगवान के दास बनकर कर रहे धना भगत बहुत ही मान भगत हुआ इस अवसर परआदेस विवान रामुस्वामी बाबूदास जी बायड़*
*रामनिवास बायड बुद्धा दास जी चौहान नगर सुख जी अंबिका कॉलोनी  नंदकिशोर जी चुन्दीया विनोद कुमार जी सारस्वत गोपाल* *स्वामीआदि  सदस्योंने  धना जी महाराज की पूजा अर्चना व आरती* *कर  जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी  धन्ना वंशी स्वामी समाज के सदस्यों ने धना जी महाराज की जयंती बड़े उत्सुक साथ  मनाई गई*


3. नागौर 
धना जी महाराज की असीम अनुकंपा से श्री धनावंसी छात्रावास मानासर नागौर में आज समाज के मंत्री श्री रामनिवास जी स्वामी के सानिध्य में श्री धन्ना वंशी स्वामी समाज के पंत प्रवर्तक श्री धना भगत की 606वी  जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। इस मौके पर कोषाध्यक्ष राधेश्याम गोदारा, पंचायत प्रसार अधिकारी श्री मेघा राम जी मदेरणा, सक्रिय सदस्य दामोदर रलिया, अन्य गणमान्य नागरिक एवं छात्रावास में निवास पर अध्ययन करने वाले विद्यार्थी उपस्थित रहे। श्री धन्ना जी महाराज के जयंती के उपलक्ष में उपस्थित महानुभावों को जयंती मना कर प्रसाद वितरण का कार्य किया गया। इस मौके पर समाज के प्रतिभावान मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया एवं समस्त विद्यार्थियों ने धन्ना जी के बताए हुए आदर्श पर चलकर देश एवं समाज सेवा का संकल्प लिया गया।

17 sep 2020
धुंवा कल्ला की ऐतिहासिक यात्रा

परम पूजनीय गुरुदेव धन्ना जी महाराज की असीम अनुकंपा से आज धुआ कला जाकर गुरुदेव के दर्शनों की अभिलाषा पूर्ण हुई। आज के इस दर्शनाभिलाषी टूर के सहयोगी साथी रहे श्री राधेश्याम जी गोदारा नागौर श्री भरत कुमार जी रलिया, श्री प्रेमदास जी धन्ना वंशी खियांला, साथ रहे। आज किस भ्रमण दल में गुरुदेव जी के मंदिर के ट्रस्ट सदस्यों, गांव के सरपंच, पुजारी, एवं मां के गुरुद्वारे के बाबा से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ। ट्रस्ट के सदस्यों से हमने धन्ना जी मंदिर परिसर के सामने सत्संग भवन समाज के सहयोग से बनाने की अभिलाषा रखी। तो उन्होंने हमें निशुल्क सत्संग भवन के लिए जमीन आवंटित करने का आश्वासन दिया है। अगर गुरुदेव की कृपा रही तो शायद चार-पांच दिनों में आवंटन पत्र प्राप्त हो जाएगा। अब समाज की पहचान एवं परम आदरणीय गुरुदेव के सम्मान में एक स्मृति के रूप में समाज के सक्रिय सहयोगी साथियों द्वारा शीघ्र ही सत्संग भवन निर्माण की आधारशिला रखने की आप सभी से विनम्र अनुरोध है मुझे उम्मीद ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आपका पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा एवं हम इस ऐतिहासिक कदम की आधारशिला रखेंगे।। आप का स्नेही बस्तीराम स्वामी मेड़तासिटी*

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