राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
वैष्णव संप्रदाय का इतिहास
वैष्णव संप्रदाय क्या है?
प्राचीन काल: वेदों से महाभारत तक
उपनिषद-पुराण काल
नारायण और हरि रूप
महाभारत-गीता युग
भक्ति मार्ग की सर्वोच्चता
मध्यकाल: दक्षिण भारत के आलवार संत
12 आलवार संत
दिव्य प्रबंधम् — द्रविड़ वेद
दार्शनिक काल: चार मुख्य आचार्यों का उदय
श्री संप्रदाय
रामानुजाचार्य
ब्रह्म संप्रदाय
मध्वाचार्य
रुद्र संप्रदाय
वल्लभाचार्य
कुमार संप्रदाय
निम्बार्काचार्य
भक्ति आंदोलन: उत्तर भारत में वैष्णव धर्म की लहर
“जाति-पाति पूछे नहीं कोई, हरि को भजै सो हरि का होई।”
जगतगुरु रामानंदाचार्य के 12 प्रमुख शिष्य
संत कबीरदास
संत रैदास
संत धन्ना
संत अनंतानंद
संत पीपा
