धन्नावंशी छात्रावास बीकानेर

धन्नावंशी समाज के युवाओं के स्वर्णिम भविष्य, उच्च शिक्षा, और सुसंस्कृत समाज के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम। बीकानेर में छात्रों के सर्वांगीण शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास के लिए समर्पित आधुनिक आवासीय सुविधा।

(वै. धन्नावंशी स्वामी समाज सम्भागीय समिति, बीकानेर)
(रजि. न. 106 / बीकानेर / 2002-03)

संपर्क और सहयोग


बीकानेर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने की दिशा में हमारी पहल से जुड़ें।

पता & संपर्क

पता :-बी 116,117 कांता खतूरिया कॉलोनी , बीकानेर 
सम्पर्क :-श्री भगवान दास जी स्वामी

Mob 9414663266

पता (Google Map Location)

इतिहास एवं परंपरा

हमारा गौरवशाली इतिहास


वर्षों से शिक्षा, संस्कार और सेवा का प्रमुख केंद्र रहा हमारा छात्रवास बीकानेर की समृद्ध संस्कृति और स्वर्णिम इतिहास का साक्षी है। आइए हमारी गौरवशाली यात्रा के मुख्य पड़ावों पर एक दृष्टि डालें।

धन्नावंशी स्वामी समाज बीकानेर छात्रावास ऐतिहासिक परिदृश्य

प्रेरणा स्त्रोत - धन्नावंशी स्वामी समाज समिति नागैर व वहां का छात्रावास तथा जोधपुर छात्रावास ही इस समिति के प्रेरणा स्त्रोत हैं। वैद्य रामेश्वर प्रसाद, श्रीमती सुर्दशना, श्री हरिप्रसाद व श्री प्रतापसिंह नागैर छात्रावास देखकर आये हुए थे। इन्ही लोगों की प्रेरणा से दिनांक 25-10-1996 को श्रीमती सुर्दशना के आवास पर समाज के स्वजातीय बंधुओं को प्रथम बार बीकानेर आमंत्रित कर इस विषय पर विचार विमर्श हुआ।

जिला समिति का गठन व प्रगति इस क्रम में दिनांक 31-08-1997 को समाज के स्थानीय 25 व्यक्ति श्री बजरंगलाल के आवास पर उपस्थित होकर श्री पूर्णमल प्राचार्य व श्री लक्ष्मीनारायण डिप्टी एसपी पुलिस की अध्यक्षता में अस्थाई रूप से वैष्णव धन्नावंशी स्वामी समाज समिति जिला बीकानेर का गठन किया गया। अध्यक्ष श्री डूंगरमल स्वामी, सचिव श्री बजरंगलाल स्वामी तथा कोषाध्यक्ष श्री सत्यनारायण स्वामी नियुक्त कर 11 सदस्य नियुक्त किये गये तथा समिति का रजिस्ट्रेशन करवाने का निर्णय लिया गया। जिला समिति की प्रथम मीटिंग दिनांक 07.09.1997 में श्री भगवानदास स्वामी द्वारा समिति का संभाग स्तर पर रजिस्ट्रेशन करवाने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर प्रथम में जिला स्तर पर ही रजिस्ट्रेशन का निर्णय हुआ। दिनांक 16.11.1997 को सिंघी भवन, तोलियासर, भेरूंजी की गली बीकानेर में प्रथम संभागीय समिति के कार्यों की सराहना कर संभाग समिति के गठन तक सामाजिक गतिविधियां जारी रखने को अधिकृत किया गया। अक्टुबर 1997 में जिला समिति 'वैष्णव धन्नावंशी स्वामी समाज समिति बीकानेर' का रजिस्टेशन हआ जिसके रजि- नम्बर 90 / बीका / 97 है।

दिसंम्बर 1997 से दिसंम्बर 1998 तक जिला समिति द्वारा भूमि खरीदकर धन संग्रह का प्रयास जारी रखा गया। दिनांक 13.06.1999 को आमसभा का आयोजन कर रजिस्ट्रेशन के बाद जिला समिति का आम सहमति से निम्नानुसार गठन किया गया। -

संरक्षिका : श्रीमती सुर्दशना स्वामी बीकानेर

अध्यक्ष : वैद्य रामेश्वर प्रसाद स्वामी सींथल

उपाध्यक्ष : श्री अभयानंद स्वामी बीकानेर

सचिव : श्री जुगलाल मेहला

संगठन सचिव : श्री बजरंगलाल स्वामी

संयुक्त सचिव : श्री भगवानदास स्वामी

कोषाध्यक्ष : श्री डूंगरमल स्वामी

सदस्य : श्री फूलदास स्वामी, श्री गोविन्द स्वामी, श्री हरिप्रसाद स्वामी, श्री कांताप्रसाद स्वामी, श्री मांगीलाल स्वामी, श्री लालचंद स्वामी, श्री सुभाषचंन्द्र स्वामी

माह जून 1999 से अक्टुबर 1999 तक धन संग्रह व भूमि क्रय हेतु 2 बार सौदे हुए लेकिन पट्टे नहीं बन पाने के कारण उक्त सौदे निरस्त कर कांता खतूरिया कॉलोनी बीकानेर में पट्टा सुदा प्लॉटों का सौदा कर दिनांक 05.11.1999 व 06.12.1999 को दोनों प्लॉटों की रजिस्ट्री 'वैष्णव धन्नावंशी स्वामी समाज समिति बीकानेर' के नाम से करवाकर कब्जा प्राप्त किया गया। मूलतः इस संभागीय समिति का गठन व प्लॉट क्रय का कार्य जिला समिति के प्रयासों से ही हुआ।

धन्नावंशी स्वामी समाज बीकानेर छात्रावास ऐतिहासिक परिदृश्य

प्रेरणा स्त्रोत - धन्नावंशी स्वामी समाज समिति नागैर व वहां का छात्रावास तथा जोधपुर छात्रावास ही इस समिति के प्रेरणा स्त्रोत हैं। वैद्य रामेश्वर प्रसाद, श्रीमती सुर्दशना, श्री हरिप्रसाद व श्री प्रतापसिंह नागैर छात्रावास देखकर आये हुए थे। इन्ही लोगों की प्रेरणा से दिनांक 25-10-1996 को श्रीमती सुर्दशना के आवास पर समाज के स्वजातीय बंधुओं को प्रथम बार बीकानेर आमंत्रित कर इस विषय पर विचार विमर्श हुआ।

जिला समिति का गठन व प्रगति इस क्रम में दिनांक 31-08-1997 को समाज के स्थानीय 25 व्यक्ति श्री बजरंगलाल के आवास पर उपस्थित होकर श्री पूर्णमल प्राचार्य व श्री लक्ष्मीनारायण डिप्टी एसपी पुलिस की अध्यक्षता में अस्थाई रूप से वैष्णव धन्नावंशी स्वामी समाज समिति जिला बीकानेर का गठन किया गया। अध्यक्ष श्री डूंगरमल स्वामी, सचिव श्री बजरंगलाल स्वामी तथा कोषाध्यक्ष श्री सत्यनारायण स्वामी नियुक्त कर 11 सदस्य नियुक्त किये गये तथा समिति का रजिस्ट्रेशन करवाने का निर्णय लिया गया। जिला समिति की प्रथम मीटिंग दिनांक 07.09.1997 में श्री भगवानदास स्वामी द्वारा समिति का संभाग स्तर पर रजिस्ट्रेशन करवाने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर प्रथम में जिला स्तर पर ही रजिस्ट्रेशन का निर्णय हुआ। दिनांक 16.11.1997 को सिंघी भवन, तोलियासर, भेरूंजी की गली बीकानेर में प्रथम संभागीय समिति के कार्यों की सराहना कर संभाग समिति के गठन तक सामाजिक गतिविधियां जारी रखने को अधिकृत किया गया। अक्टुबर 1997 में जिला समिति 'वैष्णव धन्नावंशी स्वामी समाज समिति बीकानेर' का रजिस्टेशन हआ जिसके रजि- नम्बर 90 / बीका / 97 है।

दिसंम्बर 1997 से दिसंम्बर 1998 तक जिला समिति द्वारा भूमि खरीदकर धन संग्रह का प्रयास जारी रखा गया। दिनांक 13.06.1999 को आमसभा का आयोजन कर रजिस्ट्रेशन के बाद जिला समिति का आम सहमति से निम्नानुसार गठन किया गया। -

संरक्षिका : श्रीमती सुर्दशना स्वामी बीकानेर

अध्यक्ष : वैद्य रामेश्वर प्रसाद स्वामी सींथल

उपाध्यक्ष : श्री अभयानंद स्वामी बीकानेर

सचिव : श्री जुगलाल मेहला

संगठन सचिव : श्री बजरंगलाल स्वामी

संयुक्त सचिव : श्री भगवानदास स्वामी

कोषाध्यक्ष : श्री डूंगरमल स्वामी

सदस्य : श्री फूलदास स्वामी, श्री गोविन्द स्वामी, श्री हरिप्रसाद स्वामी, श्री कांताप्रसाद स्वामी, श्री मांगीलाल स्वामी, श्री लालचंद स्वामी, श्री सुभाषचंन्द्र स्वामी

माह जून 1999 से अक्टुबर 1999 तक धन संग्रह व भूमि क्रय हेतु 2 बार सौदे हुए लेकिन पट्टे नहीं बन पाने के कारण उक्त सौदे निरस्त कर कांता खतूरिया कॉलोनी बीकानेर में पट्टा सुदा प्लॉटों का सौदा कर दिनांक 05.11.1999 व 06.12.1999 को दोनों प्लॉटों की रजिस्ट्री 'वैष्णव धन्नावंशी स्वामी समाज समिति बीकानेर' के नाम से करवाकर कब्जा प्राप्त किया गया। मूलतः इस संभागीय समिति का गठन व प्लॉट क्रय का कार्य जिला समिति के प्रयासों से ही हुआ।

संभाग समिति बीकानेर का विधिवत गठन व कार्य प्रगति -

वैष्णव धन्नावंशी स्वामी समाज संभागीय समिति बीकानेर का विधिवत गठन दिनांक 09 जनवरी 2000 रविवार को सिंधी धर्मशाला रथखाना, बीकानेर में आयोजित कर संभागीय सम्मेलन किया गया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता वयोवृद्ध श्री दीपदास सुंडा, कूनपालसर ने की। मुख्य अतिथि श्री कृष्णलाल फरसेवाला, श्री बीरमदास फेफाना, श्री लक्ष्मीनारायण जोधपुर, श्री घड़सीदास चुरू, श्री नोपदास धीरदेसर, श्री सूर्यप्रकाश एडवोकेट छापर, श्री हरिदास जेगनिया, श्री भंवरदास हरियासर, श्रीमती सुर्दशना जी थे। श्री वैद्य रामेश्वर प्रसाद, श्री डूंगरमल, श्री कांताप्रसाद, श्री बजरंगलाल, श्री जुगलाल, श्री सूर्यप्रकाश, श्री दामोदर स्वामी, श्री प्रतापसिंह व श्री कपिलदेव स्वामी मुख्य अतिथि आदि ने अपने विचारों से सभाषदों को अवगत करवाया।

श्री ओमप्रकाश स्वामी, श्री डूंगरगढ ने वैष्णव धन्नावंशी स्वामी समाज संभागीय समिति बीकानेर का प्रस्ताव विधान पढकर सुनाया, जिसे उपस्थित समाज बंधुओं ने करतल ध्वनि से अनुमोदन किया। इसी विधान को ध्यान में रखते हु, रजिस्ट्रेशन करवाने का निर्णय लिया गया। समिति की नई कार्यकारिणी गठन बाबत विचार-विमर्श करने के बाद सर्वसम्मति से प्रथम कार्यकारिणी का गठन निम्नानुसार किया गया -

अध्यक्ष - श्री पूरनमल स्वामी प्राचार्य चुरू

उपाध्यक्ष - श्री घड़सीदास स्वामी चुरू

उपाध्यक्ष Ⅱ -श्री बजरंगदास स्वामी बीकानेर

उपाध्यक्ष Ⅲ -श्री कांताप्रसाद स्वामी फेफाना

सचिव -श्री भगवानदास स्वामी अभयसिंहपुरा श्रीडूंगरगढ

संयुक्त सचिव -श्री फूलदास स्वामी खाजूवाला

कोषाध्यक्ष -श्री डूंगरमल स्वामी बीकानेर

संगठन सचिव -श्री प्रतापसिंह न्यांगली राजगढ़

कार्यकारिणी सदस्य - डॉ. घनश्याम स्वामी नौखा, श्री श्योनारायण हनुमानगढ़, श्री सूर्यप्रकाश स्वामी एडवोकेट छापर, श्री महावीर प्रसाद स्वामी अनूपशहर, श्री मांगीलाल जी स्वामी सुजानगढ़, श्री राजेन्द्र संगरिया, श्री हरिदास स्वामी जेगनिया, श्री पतराम रावतसर, श्री गेवर्धनदास स्वामी नोहर, श्री महावीर स्वामी पांडूसर, श्री देवीलाल स्वामी नेतेवाला, श्री सुल्तानराम गंगानगर, श्री मनीदास रंगाईसर, श्री अर्जुनदास भोजासर, श्री हरिप्रसाद स्वामी बीकानेर, श्री प्रमोद स्वामी चुरू, श्री प्रभुदास स्वामी छतरगढ, श्री ओमप्रकाश स्वामी श्रीडूंगरगढ़, श्री मदनदास, श्री चुन्नीलाल स्वामी नाथवाना, श्री कृष्णलाल जी फरसेवाला पदमपुर, श्री लेखराम लिखनेवाला रायसिंहनगर, श्री हेतराम गोलूवाला, श्रीमती सुर्दशना बीकानेर, श्री भागीरथ 26 पीबीएन सूरतगढ़ शेष तहसीलों के प्रतिनिधि मनोनयन का अधिकार अध्यक्ष महोदय को प्रदान किया गया।

समाज भवन नींव स्थापना :-

दिनांक 11.12.2000 को अभिजित मुहूर्त में 12:09 बजे ईशान कोण जहां वर्तमान में पानी का यूजी टैंक व स्टोर में वैद्य रामेश्वर प्रसाद, श्री हरिप्रसाद व श्री जुगलाल द्वारा श्री धर्मेन्द्र कुमार द्वारा विधिवत नींव स्थापना करवाई गई।

भवन निर्माण प्रथम चरण :-

प्रथम चरण में पश्चिमी साईड भूतल के 5 कमरे,

स्नानघर, शौचालय, भूमिगत जलकुंड (ईशान), चारदीवारी, अस्थाई रसोई, बिजली-पानी सुविधा का कार्य करवाया गया। भवन में कक्ष (कमरा) निर्माण हेतु प्रथम कमरा श्री राधेश्याम राजगढ़ द्वारा घोषणा कर राशि प्रदान की गई। प्रथम चरण के निर्माण कार्य का लोकार्पण 25.11.2001 को अभिजित मुहूर्त 12:15 दोपहर में गारबदेसर गद्दी के महंत श्री मोहनदास महाराज के कर कमलों द्वारा कमरा नंबर 3 पर चिन्ह बनाकर किया गया। महंत द्वारा कहा गया कि जिस तरह का पारस्परिक प्रेम झलक रहा हैं, उससे लगता है कि रामजी की कृपा से यहां शीघ्र ही बहुत कुछ होने वाला हैं। द्वितीय चरण भूतल के निर्माण में उत्तरी साईड के 4 कमरे बनवाकर दिनांक 29.12.2002 को समाज को समर्पित किये गये। A

संभाग समिति का रजिस्ट्रेशन :-

समिति का विधिवत रजिस्ट्रेशन दि. 01.10.2002 को हुआ। रजिस्ट्रेशन सं-106/ बीकानेर/2002-03 रिकॉर्ड दर्ज किया जाकर प्रमाण-पत्र जारी हुआ। पंजीयन के बाद कार्यकारिणी के प्रथम चुनाव दिनांक 28-12-2003 को चुनाव अधिकारी श्री देवादास स्वामी बाकलिया (अध्यक्ष धन्नावंशी स्वामी समाज समिति नागैर) के मार्गदर्शन में सर्वसम्मति से निम्नानुसार सम्पन्न हुए। -

अध्यक्ष : श्री पूरनमल स्वामी चुरू

उपाध्यक्षा : वैद्य रामेश्वर प्रसाद स्वामी सींथल

उपाध्यक्ष : श्री घडसीराम स्वामी चुरू।

उपाध्यक्ष: श्री बलदेव सियाग झूमियावाली

महासचिव : श्री भगवानदास स्वामी अभयसिंहपुरा

सचिव: श्री जुगलाल महला बीकानेर

संयुक्त सचिव : श्री सूर्यप्रकाश ऐडवोकेट छापर

संगठन सचिव : श्री बजरंगलाल स्वामी बीकानेर

प्रचार मंत्री : श्री कांताप्रसाद स्वामी फेफाना

लेखा निरीक्षक : श्री प्रमोद स्वामी चुरू

कोषाध्यक्ष : श्री ओमप्रकाश स्वामी श्रीडूंगरगढ़


कार्यकारिणी सदस्य - श्री डूंगरमल स्वामी, श्री भागीरथ राजियासर, श्री देवीलाल

नेतेवाला, श्री डूंगरदास घंटेल, डॉ. घनश्याम नौखा, श्री प्रतापसिंह न्यांगली, श्री फूलदास खजूवाला, डॉ- धर्मचंद सरदारशहर, श्री रामानंद झूमियावाली, श्री हरिदास जेगनिया, श्री हरदेवदास सुजानगढ़, श्री श्योनारायण हनुमानगढ़, श्री पतराम रावतसर, श्री रामलाल बीकानेर, श्री गोरधनदास नोहर। मनोनित सदस्य श्री नोपदास धीरदेसर (सरपंच) डॉ. चुन्नीलाल नाथवाना (सरपंच)

भवन निर्माण तृतीय चरण:-

तृतीय चरण के निर्माण में भूतल का कार्य का समाजोपयोग हेतु समर्पण दिनांक 11.09.2005 को किया गया। इससे कुल 3000 वर्गफुट कार्य हुआ। भूमिगत हॉल, रसाईघर, भोजन घर, पूर्वी साईड के 3 कमरे व स्टोर रूम, मेहमान कक्ष, कार्यालय कक्ष व मुख्य प्रवेश द्वार व बरसाती पानी हेतु अमृत जलकुंड का निर्माण करवाया गया।

कार्यकारिणी का पुर्नगठन :-

सर्वसम्मति से वर्ष 2005 में कार्यकारिणी का नवीनीकरण किया गया। श्री पूरनमल स्वामी अध्यक्ष, श्री जुगलाल महला सचिव व श्री ओमप्रकाश स्वामी कोषाध्यक्ष नियुक्त किये गये। शेष कार्यकारिणी व सदस्यों का भी निर्विरोध चुनाव किया गया। दिनाँक 14.09.2008 को पुनः कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया जिसमें श्री भगवानदास स्वामी अध्यक्ष, श्री अर्जुनदास स्वामी सचिव, व श्री ओमप्रकाश स्वामी कोषाध्यक्ष नियुक्त कर शेष का चयन किया गया।

भवन निर्माण का चतुर्थ चरण : वर्ष 2010 में भवन निर्माण का प्रथम मंजिल पर चौथा चरण प्रारंम्भ कर प्रथम मंजिल में पश्चिमी व उत्तरी व आधी दक्षिणी तरफ कुल 12 कमरों का निर्माण करवाकर समाजोपयोग हेतु वर्ष 2012 में समर्पित किये गये।

कार्यकारिणी का नवीनीकरण (पुर्नगठन):-

दिनांक 15.03.2013 को कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से पुर्नगठन कर श्री गोपालदास अध्यक्ष, श्री मांगीलाल सचिव व श्री ओमप्रकाश को कोषाध्यक्ष नियुक्त कर शेष कार्यकारिणी व सदस्यों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। दिनांक 15.09.2019 को कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से नवीनीकरण कर श्री गोरधनदास नोहर को अध्यक्ष, श्री जुगलाल महला को सचिव व श्री ओमप्रकाश को कोषाध्यक्ष नियुक्त कर शेष कार्यकारिणी का भी सर्वसम्मति से चयन किया गया।

2022 कार्यकारिणी का नवीनीकरण (पुर्नगठन): :-

दिनांक 16.10.2022 को पूर्व घोषित कार्यक्रमानुसार कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से निम्नानुसार गठन किया गया :-

अध्यक्ष: डॉ. घनश्याम स्वामी नौखा

उपाध्यक्ष : श्री मदनलाल खौथ रावतसर

उपाध्यक्ष : श्री ओमप्रकाश स्वामी राजपुरा

उपाध्यक्ष : श्री देवीलाल स्वामी माणकथेडी

महासचिव : श्री रामचंन्द्रदास स्वामियों की ढाणी बीदासर

सचिव: श्री अर्जुनदास स्वामी हरियासर

कोषाध्यक्ष : श्री भगवानदास स्वामी बीकानेर

संयुक्त सचिव : श्री ओमप्रकाश स्वामी श्रीडूंगरगढ़

संगठन सचिव : श्री मांगीलाल स्वामी सींथल

सह सचिव : श्री सोहनदास देराजसर

हमारी सेवाएँ एवं सुविधाएँ

श्रेष्ठता और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव


आवास सुविधा

बीकानेर की पारंपरिक शैली में बने वातानुकूलित एवं अत्यंत आरामदायक कक्ष, जहाँ आपको मरुस्थलीय आतिथ्य का वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा।

पुस्तकालय

इतिहास, राजस्थानी साहित्य का समृद्ध संग्रह। शोधकर्ताओं और ज्ञान-पिपासुओं के लिए एक शांत अध्ययन केंद्र।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

संगीत संध्या और पारंपरिक उत्सवों का भव्य आयोजन, जो समाज की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हैं।

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बीकानेर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने की दिशा में हमारी पहल से जुड़ें।

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