ग्राम पावटा (डीडवाना, नागौर)


डीडवाना तहसील में स्थित एक ऐतिहासिक गाँव

गाँव परिचय


पावटा गाँव राजस्थान के नागौर (वर्तमान डीडवाना-कुचामन) जिले की डीडवाना तहसील में स्थित एक ऐतिहासिक और प्रगतिशील गाँव है। भौगोलिक दृष्टि से यह गाँव डीडवाना से लगभग 12 किलोमीटर दूर किशनगढ़-हनुमानगढ़ मेगा हाईवे पर बसा हुआ है।

संपर्क सूत्र

CONTACT DETAILS

श्री सीताराम जी स्वामी

9413718301

श्री हनुताराम जी स्वामी

9983848729

श्री पूरणमल जी स्वामी

9610984973

श्री मोहनलाल जी स्वामी

9413756001

श्री परसा राम जी स्वामी

9982729219

आजीविका एवं व्यवसाय


पावटा गाँव के धन्नावंशी समाज के पास अपनी स्वयं की कृषि भूमि के साथ-साथ 'डोली भूमि' (मंदिर/धार्मिक कार्यों के लिए समर्पित भूमि) भी है। यहाँ के अधिकांश लोग खेती-बाड़ी (कृषि कार्य) से जुड़े होने के साथ-साथ सरकारी नौकरियों, प्रतिष्ठित प्राइवेट कंपनियों और अपने स्वयं के व्यवसायों में सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं।​

नौकरीपेशा व पारिवारिक परिचय

जनसंख्या


भांभू परिवार
0 घर

77 लोग

कुल जनसंख्या
0 लोग

इतिहास


ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं गोत्र परिचय


पावटा गाँव में धन्नावंशी समाज के 11 परिवार निवास करते हैं और ये सभी भामू (भाम्भू) गोत्र से संबंध रखते हैं। इन परिवारों के कुल सदस्यों की संख्या लगभग 75 है।आगमन का इतिहास: पावटा के भामू परिवारों के पूर्वज मूल रूप से सीकर के पास 'काशी का बास' गाँव में रहते थे। वहाँ से वे नागौर के 'पायली' गाँव आकर बसे। पायली गाँव में श्री अमर दास जी के 6 पुत्र थे, जिनमें से श्री भागीरथ दास जी पावटा आकर बस गए और यहाँ इस वंश की नींव रखी।

आस्था का केंद्र: ठाकुर जी महाराज का भव्य मंदिर


गाँव में स्थित ठाकुर जी महाराज का भव्य मंदिर यहाँ के धन्नावंशी समाज की अटूट आस्था का प्रतीक है।

निर्माण व जीर्णोद्धार: इस मंदिर का निर्माण मूल रूप से श्री भागीरथ दास जी ने करवाया था। कालांतर में सभी भामू परिवारों ने मिलकर इस मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार (Renovation) करवाया।विशेषता: यह मंदिर किसी सार्वजनिक या सरकारी भूमि पर नहीं, बल्कि भामू परिवार की स्वयं की निजी गूवाड़ी (आंगन/परिसर) में बना हुआ है।सेवा-पूजा: मंदिर में प्रतिदिन नियमित पूजा-पाठ का पावन दायित्व स्वर्गीय श्री रामसुखदास जी भामू के परिवार के सदस्यों द्वारा पूरी श्रद्धा के साथ निभाया जा रहा है।

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